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2707, 2017

सन्मान दया, सन्मान घ्या !

July 27th, 2017|

खुद जो बदलाव बनिए जो चुहिया में (माप देखना चाहते हैं ! महात्मा गांधी जी का यह उद्धरण आज के परिदृश्य में सामाजिक परिवर्तन लाने में बड़ महत्वपूर्ण है क्योंकि आज हर कोई बडी बेसब्री है पहले दूसरों के परिवर्तन काइंतज़ग्ररकररहाहैँऔरफिरउसके पश्चात यदकेर्थारेवर्तन केबारे में सोच रहा है . हालांकियहकाफी दुखद बात हैकिहम सभी परिवर्तन की प्रक्रिया

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